33.1 C
New Delhi
Saturday, July 31, 2021

अगर वो एक मैराथन रनर है तो एक सुपर सेक्स लाईफ के लिए तैयार हो जाईए

Humour

And these Jugaad simply deserve your applause!

Hacks aka Jugaad in India, but hey, it is not just the copyright of Indians to be good at Jugaad. There are many people...

These Memes about 90s will give you a dose of laughter, provided you lived the 90s!

The years gone by always end up giving you mixed feelings. It is not about time passed but how fast the world has changed...

#SanjuTrailer is out and it gives birth to another meme trail you will love!

The internet is not at all tired of praising Ranbir Kapoor's rather Sanjay Dutt's Sanju. The trailer has crossed 16 Million views in a day...

CBSE Class X results are the gold mine of memes, here are the best of the lot!

With anything major happening in our country the netizens are treated with whole lot of memes. No matter what kind of news it is,...
Team Khurki
Team Khurkihttps://khurki.net
KHURKI is a character who's sarcastic by birth and has sarcasm running in its veins in place of blood. Its bitter-sour tongue gives it the edge!

क्या आप सुपर सेक्स लाईफ के लिए तैयार हैं?

विकासपरक नज़रिए से देखा जाए तो जिन पुरुषों का “प्रजनन सामर्थ्य” ज्यादा होता है वो बेहतर धावक होते हैं और पुराने ज़माने में महिलाएं पुरुषों के साथ सहवास के लिए इसी बलिष्ठ स्वभाव को तवज्जो देती थी। ये हम नहीं एक शोध कहता है।

हॉरमोन एक्सपोज़र के लिए अंगुली की लंबाई को चिह्नक बनाते हुए मैराथन धावकों पर किया गया ये शोध दर्शाता है कि जो लोग कोख में ज्यादा टेस्टोस्टेरोन हॉरमोन की उपलब्धता में विकसित हुए हैं, वो दौड़ने में भी माहिर होते हैं।

शोध के प्रमुख लेखक, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के डैनी लॉन्गमैन कहते हैं कि, “मर्दों की बेहतर दौड़ने की क्षमता प्रजनन सामर्थ्य से जुड़ी है। इस अवलोकन का तात्पर्य है कि प्राचीन काल में महिलाएं पुरुषों की बेहतर दौड़ने की क्षमता को अच्छे प्रजनन कारक के रूप में देखती थी”।

शोधकर्ता आगे कहते हैं कि उस ज़माने में महिलाओं का सहवास के लिए ऐसे बलिष्ठ धावकों को चुनना इसलिए भी हो सकता है क्योंकि उस वक्त “पर्सिस्टेंस हंटिंग” – शिकार को थका-थका कर मारना-  भोजन हासिल करने का प्रमुख तरीका था।

“ये माना जाता था कि एक बेहतर शिकारी ज्यादा शिकार लाएगा, और इस ज्यादा शिकार के कारण उसका परिवार स्वस्थ्य और बड़ा होगा। हालांकि उस दौर के शिकारियों ने समतावादी प्रणाली या सामानता के सिद्धांत का भी इस्तेमाल किया हो सकता है, जैसा कि हम आज के जनजातीय लोगों में देखते हैं”।

“इस लिहाज़ से देखा जाए तो ज्यादा मीट या शिकार कारक नहीं है, लेकिन ज्यादा मीट लाने की क्षमता का संबंध पुरुष की बलिष्ठता या धावकक्षमता, उसकी बुद्धि से जुड़ा है”। लॉन्मैन कहते हैं, “ये सारे गुण अपने बच्चों में भी चाहते थे”।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Also From The Author

Nargis Dutt (1 June 1929 – 3 May 1981), born Fatima Rashid but known by her screen name, Nargis, was an Indian film actress working...

Ashok Khemka Is The Bakra For April Fool’s Day

Ashok Khemka. The first thing that comes to our mind when we hear this name is Honesty. Ashok Khemka in his career has been transferred...

And The Bharat Ratna 2017 Before The Year Ends Goes To…

Our country has contributed to the world in various ways of science, art, culture, and genius brains. Its high time that we recognize the...

Shame Punjab! You Failed To Learn From Nirbhaya!

In an incident that has brought shame to the state of punjA 14-year-old girl died and her mother is in hospital with severe injuries after...

Why You Should Stop Sharing Alia Bhatt Jokes Right Away!

Am sure you all have come across some senseless Alia Bhatt jokes. Yes, I agree one should not look for sense in a joke, but still. A...